NEET 2025 के Result के बाद General Category students की सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि उनके marks और rank के हिसाब से MBBS की सरकारी सीट मिलेगी या नहीं। यह सवाल इसलिए भी बड़ा है क्योंकि हर साल cutoff का पैटर्न बदलता है और marks देखकर अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। साथ ही, कई students और parents के पास पिछले वर्षों का clear analysis नहीं होता, जिससे वे गलत दिशा में planning कर बैठते हैं।
पिछले हफ्ते एक अभिभावक हमारे ऑफिस आए और बोले, “सर, मेरे बेटे को NEET 2025 में 608 marks आए हैं, लेकिन rank 27,000 है। क्या MBBS मिलेगा?”
उनका सवाल सीधा था लेकिन जवाब आसान नहीं। यही चिंता आज हजारों parents और students के मन में है।
NEET का result सिर्फ marks नहीं बताता, वह एक संकेत होता है कि आपने किस स्तर की तैयारी की और अब आपकी मेहनत कहां तक पहुंच सकती है। लेकिन counselling में decision सिर्फ marks पर नहीं, बल्कि rank पर लिया जाता है।
अब ज़रा सोचिए, अगर कोई छात्र 608 marks लाकर भी सही strategy नहीं बनाता, तो उससे कम marks वाला छात्र बेहतर counselling करके seat हासिल कर सकता है।
मैं, Rajesh Mishra, पिछले 16 वर्षों से NEET counselling में students को guide कर रहा हूँ और 3000 से ज्यादा successful admissions का अनुभव रखता हूँ। इस ब्लॉग में मैं पिछले 7 सालों का verified data लेकर आपको समझाऊंगा कि General Category में MBBS cutoff कैसे बदला है और 2025 में आपकी strategy क्या होनी चाहिए।
NEET General Category MBBS Cutoff Year Wise
हर साल NEET की counselling में अंतिम cutoff बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर General Category के students के लिए। नीचे दिए गए आंकड़े Spl Stray Round तक की exact स्थिति को दर्शाते हैं, जिससे आपको सही योजना बनाने में मदद मिलेगी।
| Year | Last Round | AIR (Rank) | Marks |
| 2024 | Spl Stray | 25,220 | 652 |
| 2023 | Spl Stray | 23,674 | 610 |
| 2022 | Spl Stray | 22,706 | 596 |
| 2021 | Spl Stray | 21,227 | 595 |
| 2020 | Round 2 | 15,038 | 611 |
| 2019 | Round 2 | 12,618 | 582 |
| 2018 | Round 2 | 10,449 | 536 |
| 2017 | Round 2 | 8,748 | 563 |
NEET 2024 में General Category (AIQ) की अंतिम सरकारी MBBS सीट Spl Stray Round में AIR 25,220 और 652 marks पर बंद हुई।
यह अंतिम cutoff है, जो स्पष्ट करता है कि NEET 2024 में cutoff काफी ऊंचा गया। कई students और parents केवल Round 1 या Round 2 को देखकर planning करते हैं, लेकिन Spl Stray Round तक seats जाती हैं और वही अंतिम cutoff मानी जाती है।
अगर किसी छात्र के पास 650+ marks हैं लेकिन rank 26,000 के आसपास है, तो उसके लिए All India Quota में government MBBS seat मिलना मुश्किल हो सकता है। यही कारण है कि केवल marks पर नहीं, बल्कि अंतिम round तक के cutoff पर ध्यान देना ज़रूरी होता है।
अब ज़रा सोचिए — अगर आपने Round 1 या 2 के बाद counselling छोड़ दी, तो आपने एक ऐसे मौके को खो दिया जो अंत में आपके ही rank पर बंद हुआ।
2023 और 2022 में Cutoff कैसे बदलता गया?
General Category में NEET 2023 की अंतिम AIQ MBBS सीट Spl Stray Round में AIR 23,674 और 610 marks पर बंद हुई थी।
वहीं 2022 में यह cutoff AIR 22,706 और 596 marks पर Spl Stray Round में बंद हुई।
इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि हर साल सिर्फ Round 1 या Round 2 को देखकर अंदाज़ा लगाना गलत है। असल cutoff तो Spl Stray Round में सामने आता है।
2023 में cutoff थोड़ा ऊपर गया क्योंकि paper आसान था और high scorers की संख्या अधिक थी।
अब सोचिए, अगर कोई छात्र 612 marks लेकर सिर्फ Round 2 cutoff को देखकर counselling छोड़ दे, तो वह Spl Stray Round में मिलने वाली सरकारी seat से वंचित रह सकता है। सिर्फ पिछले साल का cutoff देखकर preparation करता है और counselling strategy बनाता है, तो उसे ground reality का अंदाज़ नहीं रहेगा।
NEET 2021, 2020 और 2019 के Cutoff का पैटर्न
NEET 2021 में General Category की अंतिम सरकारी MBBS सीट Spl Stray Round में AIR 21,227 और 595 marks पर बंद हुई थी।
NEET 2020 में यह cutoff AIR 15,038 और 611 marks (2nd Round) तक गई थी क्योंकि उस वर्ष Spl Stray Round MCC के अंतर्गत नहीं हुआ था।
NEET 2019 में Spl Stray का concept लागू नहीं था, लेकिन Round 2 की अंतिम cutoff General के लिए AIR 12,618 और 582 marks रही।
इन वर्षों के आंकड़ों से साफ होता है कि जैसे-जैसे years आगे बढ़े, Spl Stray Round की भूमिका decisive होती गई और final admission वही cutoff तय करने लगा।
अगर parents पुराने cutoff को surface level पर देखकर strategy बनाएं, तो counselling के critical rounds को miss कर सकते हैं।
2018 और 2017 में Cutoff की स्थिति क्या थी?
NEET 2018 में General Category की अंतिम सरकारी MBBS seat Round 2 में AIR 10,449 और 536 marks पर बंद हुई थी। उस समय Spl Stray Round नहीं होता था।
वहीं 2017 में Round 2 cutoff General के लिए AIR 8,748 और 563 marks पर थी।
इन वर्षों में competition आज की तुलना में कम था और seats की संख्या भी सीमित थी।
NEET के initial years में सिर्फ Round 1 और Round 2 की counselling होती थी, इसलिए final cutoff का आंकलन उसी के अनुसार किया जाता था। लेकिन अब structure पूरी तरह बदल चुका है और final seat Spl Stray Round में decide होती है।
Rank vs Marks: असली फर्क क्या है?
NEET में students अकसर यह सोचते हैं कि ज्यादा marks का मतलब है पक्का admission। लेकिन counselling के समय जो सबसे ज़्यादा मायने रखता है, वह है All India Rank। marks सिर्फ आपकी performance का संकेत देते हैं, लेकिन आपका rank यह तय करता है कि आपको कौन-सी seat मिलेगी और कब।
मान लीजिए दो छात्रों में से एक को 610 marks और दूसरे को 608 marks मिले हैं। अगर 608 वाले की rank 20,200 है और 610 वाले की 21,800, तो सीट पहले 608 वाले को मिलेगी। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि seat allotment की प्रक्रिया पूरी तरह rank-based होती है, न कि marks-based।
इसलिए counselling strategy बनाते समय यह समझना ज़रूरी है कि rank असली deciding factor है। सिर्फ marks देखकर अंदाजा लगाना कई बार धोखा दे सकता है। अगर आपने rank को नहीं समझा, तो अच्छा score होते हुए भी आप गलती कर सकते हैं।
Parents को भी यह ध्यान रखना चाहिए कि counselling decisions marks पर नहीं, बल्कि rank के गहन विश्लेषण पर आधारित होने चाहिए।
High Competition States: क्यों Delhi और Rajasthan में cutoff ज़्यादा होता है?
Delhi, Rajasthan, Bihar, UP जैसे राज्यों के students NEET में भारी संख्या में top ranks लाते हैं।
इसका असर ये होता है कि All India Quota seats पर high rank holders का दबाव ज़्यादा होता है, जिससे General Category की cutoff ऊपर चली जाती है।
अगर आप Delhi से हैं और आपका rank 25,000 है, तो AIQ seat की संभावना बहुत कम है।
इसलिए ऐसी स्थिति में students को state quota और open state options का सही उपयोग करना चाहिए।
Seat Matrix और Reservation Policy का Cutoff पर प्रभाव
हर साल Government colleges में सीटों की संख्या और category-wise distribution थोड़ा बदलता है।
कुछ colleges नए जुड़ते हैं, कुछ में reservation policies update होती हैं।
2024 में लगभग 6,000+ AIQ MBBS seats थीं।
लेकिन जब इसमें EWS, OBC, SC, ST, PwD जैसे reservations शामिल होते हैं, तो General Category के लिए बची सीटें काफी कम रह जाती हैं।
यही कारण है कि cutoff इतनी ऊपर जाती है और strategy बनाते समय seat matrix को समझना ज़रूरी होता है।
Safe Score और Realistic Expectation: Students को क्या समझना चाहिए?
NEET counselling में कोई भी score या rank पूरी तरह से ‘safe’ नहीं कहा जा सकता, खासकर General Category students के लिए जिन्हें किसी प्रकार का reservation लाभ नहीं मिलता। फिर भी, पिछले वर्षों के cutoff trends को देखकर कुछ अनुमान जरूर लगाया जा सकता है।
General Category के students के लिए यदि marks 635 या उससे अधिक हैं और rank 15,000 के भीतर है, तो AIQ MBBS सीट मिलने की संभावना बेहतर मानी जा सकती है।
हालांकि यह केवल एक indicative आंकड़ा है, और हर साल paper का difficulty level, seats की संख्या और candidates का performance cutoff को बदल सकता है। इसलिए students को केवल marks पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें year-wise data को ध्यान से देखकर counselling की तैयारी करनी चाहिए।
सही अनुमान, अनुभवजन्य सलाह और timely decision-making ही success की कुंजी है।
2025 के लिए Strategic Insights: कैसे बनाएं सही roadmap?
NEET 2025 में अगर आप General Category से हैं और marks 610–630 के बीच हैं, तो आपको counselling strategy बहुत सोच-समझकर बनानी होगी।
स्टेप बाय स्टेप approach:
- पिछले 7 साल का cutoff trend समझें – अपनी rank के आधार पर realistic college list बनाएं
- Open state counselling और deemed universities के विकल्प open रखें
- GLN Admission Advice Pvt Ltd. जैसे verified experts की मदद लें
Strategy वही सफल होती है जो data और अनुभव पर आधारित हो।
Low Rank Students के लिए विकल्प क्या हैं?
अगर आपकी rank 25,000–30,000 के बीच है, तो सबसे पहला और जरूरी कदम यह है कि आप अपने home state counselling में अवश्य भाग लें। यही वह जगह होती है जहां कम rank वालों के लिए भी सरकारी सीट मिलने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है।
कई बार students सिर्फ All India Quota counselling पर ध्यान देते हैं और जब वहां उन्हें seat नहीं मिलती तो वे निराश हो जाते हैं। लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि उनके अपने राज्य में, जहां उनका domicile है, वहां भी उनके लिए अच्छा अवसर हो सकता है। Home state counselling में अक्सर cutoff थोड़ा कम होता है और competition भी अपेक्षाकृत कम हो सकता है। कई राज्यों में General Category के low rank students को भी MBBS सीटें मिली हैं, जो AIQ में नहीं मिल पाईं। इसलिए कम rank होने पर सबसे पहले अपने राज्य की counselling में भाग लेना एक समझदारी भरा और जरूरी कदम होता है।
अगर आप भी General Category cutoff से परेशान हैं…
तो यह चिंता बिल्कुल स्वाभाविक है।
हर year thousands of students सिर्फ सही जानकारी और सही strategy के अभाव में अपनी मेहनत का परिणाम खो बैठते हैं।
मैं, Rajesh Mishra, पिछले 16 वर्षों से students को counselling में guide कर रहा हूँ। हमने 3000+ से ज्यादा छात्रों को बिना donation, बिना confusion, सही जगह पर admission दिलवाया है।
अगर आप भी चाहते हैं कि आपके बेटे या बेटी को सही मार्गदर्शन मिले, तो अभी बात करें:
GLN Admission Advice Pvt. Ltd.
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Frequently Asked Questions
Q1. क्या 600 marks लाने पर सरकारी MBBS सीट मिल सकती है?
अगर rank 20,000 के अंदर है तो संभावना है, लेकिन AIQ के लिए कटऑफ हर साल बदलता है।
Q2. counselling में marks जरूरी हैं या rank?
Counselling strictly rank के आधार पर होती है, marks केवल indicative होते हैं।
Q3. General Category के लिए safe score क्या है?
630+ marks और rank under 15,000 को safe माना जा सकता है, लेकिन यह निश्चित नहीं होता।
Q4. क्या open states में General Category को फायदा मिलता है?
हां, कई open states में General Category students को private seats मिलती हैं।
Q5. क्या deemed universities merit पर admission देती हैं?
हां, लेकिन उनकी fees अधिक होती है। कुछ universities scholarships भी देती हैं।
Q6. क्या 615 marks वालों को AIQ MBBS मिल सकता है?
Depends on paper level और seat matrix, 615 वाले को 2024 में सीट मिली थी।
Q7. क्या MCC सिर्फ AIQ counselling करता है?
हां, MCC सिर्फ 15% AIQ, Deemed और Central Institutes की counselling करता है।
Q8. General Category students के लिए backup क्या हो सकता है?
AYUSH programs (BAMS, BHMS, BUMS), deemed universities और open state private colleges अच्छे विकल्प हैं।